*गर्मियों में जानने योग्य बातें*
(1) ग्रीष्म ऋतु का प्रथम अमृत ! नमकीन, मीठा *छाछ*! जब आप 2/3 गिलास पीते हैं तो दिमाग में *हैश* होता है।
(2) गर्मी का दूसरा अमृत है कच्चे आम का *चकनाचूर*, 2/3 गिलास पीने से गर्मी दूर होती है *कारवां*
(2) ग्रीष्म ऋतु का तीसरा अमृत ! बाफनी गुण होने पर भी हरा नारियल पानी पानी की कमी को दूर करता है।
(4) ग्रीष्म ऋतु का चौथा अमृत ! तीखा रोना *प्याज*, कितनी भी गरमी लगे, वह *निगल जाता है।*
(5) ग्रीष्म ऋतु का पाँचवाँ अमृत ! नींबू*खट्टा खट्टा,*शराब बनाकर पी लें, फिर लू*पाटू को मारें।
(2) ग्रीष्म ऋतु का छठा अमृत ! हरा हरा *तरबूज*! उसका शर्बत पीने से बचें, पेशाब कम *उलझन।*
(2) ग्रीष्म ऋतु का सातवाँ अमृत ! गुलाब की ठंडक *गुलकंद!*
दूध में मिलाने पर इसका स्वाद अच्छा लगता है। *पसंदीदा।*
(2) ग्रीष्म ऋतु का आठवाँ अमृत ! कोकम का *शर्बत*! हाइपर एसिडिटी होने पर यह सीरप बड़ी* आरी बन जाती है।
(2) ग्रीष्म ऋतु का नौवाँ अमृत ! मीठी सुगन्ध *वालो,*पानी में पी लो, नहीं तो काला पड़ जाएगा*गर्मी*
(10) ग्रीष्म ऋतु का दसवाँ अमृत, *आम और प्याज का *सलाद*, धूप से आये तो *छुमन्तर* गरम करें।
(11) ग्रीष्म ऋतु का ग्यारहवाँ अमृत!
*कच्चे आम का मुरब्बा*, आंच लेकर पीछे से *डब्बो* मारो।
(12) ग्रीष्म ऋतु का बारहवाँ अमृत ! पाकी आम का रस, *अदरक का घी, अगर आप इसे पियेंगे तो प्रसन्नता होगी।
ये है गर्मी का अमृत*बार,*
जो गर्मियों की बीमारियों को खत्म करता है।


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