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सीने में दर्द के लिए उपाय:-
💜ऐसी चीजें न खाए जो एसिड को बढ़ाती हो
💚सीने में दर्द हमेशा हार्ट अटैक का मामला नहीं होता, सीने या छाती में दर्द के और भी कई कारण हो सकते हैं, एसीडिटी, सर्दी, कफ, तनाव, गैस, बदहजमी और धूम्रपान से भी छाती में दर्द होती है।
💚वैसे जब कभी भी छाती में दर्द हो तो तत्काल ड़ॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ,ताकि हार्ट अटैक की शंका को दूर किया जा सके। ,हार्ट अटैक में छाती की दर्द को एंजाइना कहते हैं जो कोरोनरी आर्टरी में रक्त के प्रवाह की प्रक्रिया बाधित होने या बलगम की वजह से उत्पन्न अवरोध के कारण होता है इसलिये छाती के दर्द को कभी भी नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए भले ही वह गैस या एसिडिटी का दर्द ही क्यों न हो, अगर आप यह पता लगा लेते हैं कि दर्द हार्ट अटैक की नहीं बल्कि अन्य वजह से है तो इसके घरेलू इलाज आप कर सकते हैं।
💛लहसुन (Garlic)-
लहसुन को वंडर मेडिसीन कहा गया है जो हर तरह की बिमारियों में रामबाण का काम करता है। सेहत के लिए तो रामबाण है ही हार्ट के लिए तो सबसे ज्यादा लाभकारी है। लहसुन में कई तरह के विटामिन, मिनरल्स, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, थियामिन, राइबोफ्लाविन, नियासिन और विटामिन सी का खजाना है। इसके अलावा इसमें सल्फर, आयोडीन और क्लोरीन की मात्रा भी पाई जाती है।
लहसुन के एक या दो कली अगर आप रोज सुबह खाली पेट खा रहे हैं तो यह न सिर्फ आपके कोलेस्ट्रोल को कम करेगा बल्कि हृदय की धमनी के दीवार पर फैट की परत को बनने से भी रोकेगा। नतीजा आपके हार्ट में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह सुचारू रहेगा। अगर छाती में दर्द की शिकायत गैस से भी है तो यह काफी कारगर होती है। लहसून का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। कच्चा लहसून खाना ज्यादा असरदार होता है।
💛अदरक (Ginger)-
अदरक के कई औषधीय गुण हैं। अगर आपको गैस या एसीडिटी से हार्टबर्न हो रहा है, छाती में दर्द हो रहा हो तो अदऱक की चाय आजमा सकते हैं। यह छाती के दर्द के साथ, कफ, खांसी समेत कई बिमारियों के इलाज में काम आता है।
💛हल्दी (Turmeric)-
हल्दी में दर्द निवारक गुण होते हैं।एंटी इंफ्लामेट्री दवा के रुप में इसे आयुर्वेद और चाइनीज मेडिसीन में भी इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी में पाए जाने वाले खास कंपाउड करक्यूमिन (Curcumin) में दर्द को चूसने वाले गुण होते हैं। यह दिल की सेहत के लिए भी गुणकारी है।
हल्दी को सबसे ज्यादा लोग गर्म दूध में डालकर पीते हैं।
दर्द वाले स्थान पर हल्दी का लेप भी लगाया जाता है।
💛तुलसी (Basil)-
तुलसी में सिर्फ एंटी बैक्टीरियल गुण ही नहीं बल्कि एंटी इंफ्लामेट्री गुण भी होते हैं। इसके अलावा तुलसी में ऐसे कई कंपाउड पाए जाते हैं जो दिल के सेहत के लिए भी गुणकारी है। तुलसी में Eugenol और करक्यूमिन पाया जाता है जो दिल के सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।
अगर छाती में दर्द है तो तुलसी-अदरक का काढ़ा बनाकर उसमें शहद की बूंदे डाल कर पी लीजिए काफी फायदा करेगा।
💜अन्य उपाय-
💙अनार के जूस से भी छाती दर्द कम होता है।
💙ओमेगा 3 फैटी एसिड सरसों के तेल में पाया जाता है, इसके सेवन करने से हार्ट की बीमारी कम होती है।
💙अखरोट का सेवन करें।
💙मुलैठी के जड़ का सेवन करें छाती के दर्द में काफी काम करता है।
💙अलसी का सेवन करें
इलाज से बेहतर बचाव है
स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े
धन्यवाद
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