🌷 आयुर्वेद के जादुई नुस्खे
(Magical Ayurvedic Tips )
पित्तवर्द्धक पदार्थ
दही, खट्टी छाछ, तेल और तेल में तले हुए पदार्थ, गुड़, नमक, मिर्च, हींग, मूंगफली राई, बैंगन, गाजर, सहजन की फली, करेला, कुल्थी, कटहल, शराब, बासी भोजन, सूखे शाक, खिचड़ी आदि चीजें तथा गर्म हवा, भूख दमन, चाय, तमाखू, गाँजा आदि धूम्रपान, धूप में घूमना, अतिशय परिश्रम करना, जागरण, अधिक मैथुन, क्रोध आदि से पित बढ़ जाता है।
इससे सिर में दर्द तथा जकड़ जाना, चक्कर आना, अर्धांग वायु, लकवा, धातु का पतला होना, आदि विकार उत्पन्न होने लगते हैं और यह फिर अनेक रोगों की वृद्धि करने में सहायक होते हैं।
बेशकीमती ज़मीर
ख़्वाब वही तुम देखना, जो पूरा कर पाओ
अपना कीमती वक्त यूँ, बेवजह ना गँवाओ
अपने बड़े बुजुर्गों से, सीख लो कुछ सबक
घाटा नहीं होगा, ये भरोसा दिल में बिठाओ
कोई बात समझ से, बाहर हो अगर तुम्हारे
उससे ध्यान हटाकर, ख़ुद को आगे बढ़ाओ
सबकुछ नहीं मिल सकता, जीवन में कभी
जो कुछ मिला उसका, शुक्रिया तो मनाओ
मुक़म्मल नहीं कोई भी, इंसान इस जहाँ में
तुम अपना क़िरदार, नेकनीयत से निभाओ
कुछ लम्हे सिर्फ रंज ही, देकर जाएंगे तुम्हें
याद करके उन लम्हों को, आंसू ना बहाओ
मिट्टी का ज़िस्म है, ये मिट्टी में मिल जाएगा
सुपुर्दे ख़ाक से पहले, हीरा खुद को बनाओ
ख़रीद ना सके तुम्हें, दौलतमंद इंसान यहाँ
अपने ज़मीर को ऐसा, बेशकीमती बनाओ
ज्वॉइन
ख़्वाब वही तुम देखना, जो पूरा कर पाओ
अपना कीमती वक्त यूँ, बेवजह ना गँवाओ
अपने बड़े बुजुर्गों से, सीख लो कुछ सबक
घाटा नहीं होगा, ये भरोसा दिल में बिठाओ
कोई बात समझ से, बाहर हो अगर तुम्हारे
उससे ध्यान हटाकर, ख़ुद को आगे बढ़ाओ
सबकुछ नहीं मिल सकता, जीवन में कभी
जो कुछ मिला उसका, शुक्रिया तो मनाओ
मुक़म्मल नहीं कोई भी, इंसान इस जहाँ में
तुम अपना क़िरदार, नेकनीयत से निभाओ
कुछ लम्हे सिर्फ रंज ही, देकर जाएंगे तुम्हें
याद करके उन लम्हों को, आंसू ना बहाओ
मिट्टी का ज़िस्म है, ये मिट्टी में मिल जाएगा
सुपुर्दे ख़ाक से पहले, हीरा खुद को बनाओ
ख़रीद ना सके तुम्हें, दौलतमंद इंसान यहाँ
अपने ज़मीर को ऐसा, बेशकीमती बनाओ
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