💗🟢प्रेम और वासना का गहरा राज
☑️नेगेटिव पोल पॉज़िटिव पोल को आकर्षित करता है । अगर ये पोल साथ साथ होगे तो लगतार एक दूसरे को खींचते रहेंगे जिस से इनकी चुम्बकीय शक्ति नष्ट हो जाती है ।
☑️चुम्बक को एक दूसरे के आकर्षण से बचाने के लिये हम दोनो चुम्बको को दूर दूर रख देते है । दूसरी विधि यह है कि दोनो के बीच लकड़ी रख दो । लकड़ी को चुम्बकीय शक्ति पार नही कर पाती ।
☑️स्त्रियों में नेगेटिव चुम्बकीय बल पैदा होता है तथा पुरुषों में पॉज़िटिव चुम्बकीय बल पैदा होता है ।
☑️पुरुष और महिलाएं अगर दूर दूर रखे जाये तो इन में आकर्षण नही होगा । यह विधि कुछ हद तक सफल है । वास्तव में जैसे ही हम विपरीत लिंग को मन में याद करते है, हमारा उन से एनर्जी सम्पर्क हो जाता है और मन ही मन एक दूसरे के प्रति अपवित्र विचार चलने लगते है । यहां दूरी कोई मायने नही रखती । सोचते ही अपवित्र चिंतन चलने लगता है ।
☑️इस चिंतन को रोकने का सब से उत्तम तरीका है कि जैसे ही विपरीत लिंग की याद आये, तुरंत उसे मन से निकालो । अगर आप महिला है तो किसी महिला को मन में देखने लग जाओ । अगर आप पुरुष है तो किसी पुरुष को मन में देखने लग जाओ और उन्हे सकाश दो आप शांत स्वरूप है, शांत स्वरूप हैं । इस तरह अपवित्र विचार बदल जायेगे.।
☑️दूसरी विधि यह है कि अपने को आत्मा समझो दूसरे को भी आत्मा समझो और परमात्मा को याद करो तो इस से अपवित्र विचार रुक जायेगे ।
☑️जब स्थूल रुप से विपरीत लिंग आमने सामने हो तो उस समय बात करते समय अपने मन में अपनी ही जाती के लोगो को देखते रहे अर्थात महिला किसी महिला को देखती रहे और पुरुष किसी पुरुष को देखते रहे । इस तरह हमारे अपवित्र विचार रुक जायेगे ।
☑️जब कोई विपरीत लिंग की तीव्र याद आने लगे तो उसे मन से दूर करते जाओ जैसे वह पीछे हट रही है उसे दूर हटाते जाओ जब वह आप से बहुत दूर हो जाये, मन ही मन, अन्त में उसे कहो आउट और एक दम मन की आँखो से हटा दो । वह थोड़ी देर बाद फ़िर याद आने लगेगा उसे ऐसे ही दूर हटाते जाओ और अनंत पर जा कर कहो आउट । इस प्रक्रिया को बार बार दोहराने से उस आत्मा की याद नही आएगी । आप को अपवित्र संकल्प तंग नही करेंगे ।

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