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आइये जानते हैं किस रोग मे कौन कौन सी औषधि दी जाती है जो निम्न रोगानुसार योग दिये जा रहे हैं


रोगानुसार योग-

1. हिक्का :-

एलादि गुटिका
कचूरादि चूर्ण
कासीस भस्म
मयूर पिच्छ भस्म
वायु गुटिका



2. हृदरोग :-
अकीक पिष्टी
अर्जुनारिष्ट
चंदनासव
चिंतामणी चतुर्मुख रस
च्यवनप्राश अवलेह
धानवंतर गुटिका
हॄदयार्णव रस
माणिक्य भस्म
माणिक्य पिष्टी
मुक्ता पिष्टी
पार्थाद्यरिष्ट
प्रभाकर वटी
प्रवाल पिष्टी
स्वर्ण भस्म
वसंत तिलक रस



3. ज्वर :-
अभ्रक भस्म
अकीक पिष्टी
अमृतारिष्ट
अमृतप्राश घृत
बला तैल
भूनिम्बादी क्वाथ
वृहत कस्तूरी भैरव रस
चंदन बला लाक्षादि तैल
चंदनादि लौह
चंद्रामृत रस
दशमूल क्वाथ
धानवंतर गुटिका
द्राक्षासव
महालक्ष्मी विलास रस
गोरोचनादी वटी
गुड़पिप्पली
हिंगुलेश्वर रस
जयमंगल रस
ज्वरांकुश रस
लघु मालिनीवसंत रस
लक्ष्मीनारायण रस
महाज्वरांकुश गुटिका
महाज्वरांकुश रस
महामृत्युंजय रस
महा सुदर्शन घन वटी
मृत्युंजय रस
मुक्ता भस्म
मुक्ता शुक्ति भस्म
निम्बादी कषाय
पटोलादि क्वाथ
पिप्पल्यादि घृत
रजन्यादि चूर्ण
रामबाण रस
षडगुण सिंदूर
सितोपलादि चूर्ण
शिवा गुटिका
श्रृंग्यादी चूर्ण
सुदर्शन चूर्ण


4. कामला :-
चंदन बला लाक्षादि तैल
धात्री लौह
द्राक्षावलेह
कल्याणक गुड़
कुमार कल्याण रस
महापैत्यांतक रस
मंडूर भस्म
नवायस लौह
पटोलादि क्वाथ
पंचगव्य घृत
रजन्यादि चूर्ण
त्रिफला घृत
वासा गुडूच्यादी क्वाथ
विडंगादी लौह
यकृत प्लीहारी लौह

5. कण्डू :-
चंदन बला लाक्षादि तैल
गंधक राज रसायन
हरिद्रा खंड
सोमराजी तैल
आध्मान :-
हिंगुवचादि चूर्ण
हिंग्वाष्टक चूर्ण
कल्याण क्षार
पंचसम चूर्ण
वैश्वानर चूर्ण
यवक्षार

6. अग्निमांद्य :-
अभयारिष्ट
अग्निकुमार रस
अग्नितुण्डि वटी
अजमोदार्क
अरविंदासव
अविपत्तिकर चूर्ण
बलारिष्ट
लवणभास्कर चूर्ण
बिल्वादी लेह
चिर बिल्वादी कषाय
चित्रकादि वटी
द्राक्षारिष्ट
द्राक्षादि चूर्ण
गंधर्व हस्तादी क्वाथ
हिंग्वादी वटी
हिंग्वाष्टक चूर्ण
जीरकारिष्ट
कुमार्यासव
लौह पर्पटी
महाकल्याणक घृत
मुस्तकारिष्ट
रामबाण रस
सौभाग्य शुण्ठी
सितोपलादि चूर्ण
शंख वटी
शंख भस्म

7. अजीर्ण
अजमोदादि चूर्ण
हिंग्वादी वटी
क्रव्याद रस
कृमिकुठार रस
लशुनादि वटी
मुस्तकारिष्ट
संजीवनी वटी
शंख भस्म
वायु गुटिका


8 अम्लपित्त :-
अविपत्तिकर चूर्ण
दाडिमावलेह
धात्री लौह
कामदुधा रस
महातिक्तक घृत
मुक्ता पंचामृत रस
मुक्ता शुक्ति पिष्टी
सप्तामृत लौह
शंख भस्म
सुकुमार घृत
सुतशेखर रस

9. आमवात :-
अमृतादि तैल
अश्वगंधारिष्ट
वृहत सैंधवाद्य तैल
वृहत वात चिंतामणी रस
चित्रकादि वटी
चोपचिन्यादि चूर्ण
दशमूल हरीतकी
धानवन्तर तैल
महावात विध्वंस रस
महालक्ष्मी विलास रस
निम्बादी चूर्ण
महायोगराज गुग्गुलु
रास्ना एरंडादि क्वाथ
सैंधवाद्य तैल
सिंहनाद गुग्गुलु
स्वर्ण महायोगराज गुग्गुलु
स्वर्ण भूपति रस
वैश्वानर चूर्ण
वातारी गुग्गुलु
व्योषादी गुग्गुलु
योगराज गुग्गुलु


10. अनिद्रा :-
ब्राम्ही वटी
स्वर्ण माक्षिक भस्म
तुंगद्रुमादि तैल

11. आनाह :-
अश्वकंचुकी रस
वृहत सैंधवाद्य तैल
चांगेरी घृत
इच्छाभेदी रस
लशुन एरंडादि क्वाथ
यवक्षार


12 अपस्मार, अपतंत्रक :-
अश्वगंधाद्यरिष्ट
बला तैल
ब्राम्ही घृत
वृहत कस्तूरी भैरव रस
चंदनादि तैल
चतुर्भुज रस
चतुर्मुख रस
चिंतामणि चतुर्मुख रस
हरताल भस्म
कल्याणक घृत
कुमार्यासव
महाकल्याणक घृत
महापंचगव्य घृत
मानसमित्र वटक
महामृत्युंजय रस
नवरत्न राजमृगांक रस
पंचगव्य घृत
रसराज रस
रजत भस्म
सारस्वतारिष्ट
स्वर्ण भस्म
स्वर्ण माक्षिक भस्म
त्रैलोक्य चिंतामणि रस
उन्माद गजकेसरी रस
वातकुलान्तक रस
योगेंद्र रस

13. अरोचक :-
दशमूलारिष्ट
दशमूल हरीतकी
दशमूल रसायन
दाडिमावलेह
गंधर्व हस्तादी क्वाथ
कर्पूरादी चूर्ण
मंडूर वटक
पटोलादि क्वाथ
पिप्पल्यादि घृत
शंख वटी
सितोपलादि चूर्ण


14. अर्दित :-
महामाष तैल
वृहत सैंधवाद्य तैल
एकांगवीर रस
महानारायण तैल
रसराज रस
समीरपन्नग रस

15 छर्दी :-
बिल्वादी लेह
द्राक्षादि चूर्ण
द्राक्षादि क्वाथ
एलादि गुटिका
पैत्यान्तक रस
पंचामृत पर्पटी
सप्तामृत लौह
शिवा गुटिका
सूतशेखर रस


16. गलगण्ड :-
निर्गुन्डी तैल
नित्यानंद रस

17. गुदभ्रंश :-
चांगेरी घृत
पिप्पल्यादि घृत

18 ग्रहणी :-
अग्निकुमार रस
आर्द्रक घृत
भास्कर लवण चूर्ण
वृहत कस्तूरी भैरव रस
वृहत गंगाधर चूर्ण
चांगेरी घृत
दशमूलारिष्ट
देवदार्वारिष्ट
द्राक्षासव
हिंग्वादी चूर्ण
ग्रहणी कपाट रस
जीराकारिष्ट
कपर्दिका भस्म
कर्पूर रस
कुटज घन वटी
कुटजारिष्ट
कुटजावलेह
लौह पर्पटी
मधूकासव
🔆 TYPES OF HERNIAS 🔆

A hernia occurs when contents of the abdomen protrudes
through an area of weakened muscle or tissue.

✔️ HIATAL (HIGH-HAT)

This type of hernia occurs when a portion of the upper stomach protrudes into the esophagus or thorax through a weak area of the diaphragm.

✔️ INGUINAL (IN-GROIN)

An inguinal hernia is present when contents of the abdomen protrude through a weak area in the inguinal canal where the spermatic cord is present in men, and where the round ligament is located in women.

✔️ FEMORAL (FEMORAL)

Femoral hernias present as an area of swelling, or a bulge, in the femoral area near the groin. This type of hernia occurs when contents of the abdomen. usually the intestines. push through a weak spot in the femoral canal.

✔️ INCISIONAL (INCISION)

Incisional or ventral hernias are common in patients who have had several or repeat surgeries in the same anatomical area, those who are obese, or those who have experienced poor healing. With Incisional hernias, the hernia protrudes through a weakened scar.

✔️ UMBILICAL (UMBRELLA)

An umbilical hernia occurs in persons with a weakened rectus abdominis muscle, such as those who are obese or when the umbilical opening fails to close after birth. As the name describes, the hernia occurs at the umbilicus or belly button

🔳 CONSIDERATION: STRANGULATION --

When a hernia becomes pinched, blood flow to the affected area of the bowel may be cut off. When this occurs, emergency surgery is required to prevent bowel tissue necrosis.

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