खर्जुरादी वटी -
रक्तस्राव, खाॅंसी, प्यास, करोना के बाद आनेवाली कमजोरी मे गुणकारी
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खारिक (छुहारा) 40gm
मुनक्का 40
जेष्ठमध 40gm
खडीसाखर 40gm
पिंपळी 20gm
दालचिनी 20gm
छोटी इलायची 20gm
तेजपान 20gm
मुनक्का छोडकर सभी औषधीयॉं मिक्सर मे बारीक कर ले. छान ले. औषधी चुर्ण को मुनक्का के साथ मिलाकर मिक्सर मे बारीक कर ले.
इस चुर्ण को प्लेट मे निकाल ले. इसमे थोडा शहद मिलाकर मसूर दाने के आकार की छोटी गोली बना ले. सुखने के बाद काच की बरणी मे रख दे. Ref (बृ. नि. र.)
मात्रा -1गोली दिनरात भर मे 6बार मुंह मे रखकर चूसें
उपयोग - इससे प्यास,मूख सूकना,गर्मी जलन, पित्त बढना, रक्तनिकलना, खाॅंसी,इसमे राहत मिलती हैl
-करोना होने के बाद शरीर मे बढी हुयी गर्मी को कम करने मे और शक्ती बढानेके लिए लाभदायक हैl
-स्रियोंमे रक्तप्रदर लाभदायक हैl
-बच्चे से बुढे तक को दे सकते हैl
*PCOD के लिए योग*
योग PCOD (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) के नियंत्रण में सहायक हो सकता है, लेकिन इसे "इलाज" के रूप में समझना महत्वपूर्ण है। PCOD एक हार्मोनल विकार है, और योग से लाभ मिल सकता है जो लक्षणों को सुधारता है और सामान्य कल्याण को प्रोत्साहित करता है। कुछ योगासन जो PCOD के प्रबंधन में सहायक हो सकते हैं:
भुजंगासन (कोबरा पोज़)
सेतु बंधासन (ब्रिज पोज़)
धनुरासन (बो पोज़)
बद्ध कोणासन (बटरफ्लाई पोज़)
पश्चिमोत्तानासन (बैठे हुए आगे झुकने का पोज़)
योग के साथ-साथ, पर्याप्त आहार, नियमित व्यायाम तंत्र, और PCOD के उचित चिकित्सा प्रबंधन के लिए चिकित्सा पेशेवर से सलाह लेना महत्वपूर्ण है। ध्यान रखें, योग एक सहायक तरीका है, और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक अभ्यास किया जाना चाहिए। हमेशा व्यावसायिक योग प्रशिक्षक या स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से व्यक्तिगत सलाह के लिए संपर्क करें।

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