अपच या बदहज़मी के 40 घरेलू नुस्खे...*
अपच का अर्थ है अपच। जब भोजन नहीं पचता है तो पेट फूलना, पित्त, कफ जैसे अनेक प्रकार के अपच हो जाते हैं, इससे शरीर में अनेक रोग उत्पन्न हो जाते हैं।
अपच का मुख्य कारण अपच के कारण भूख न लगना, अपच के कारण खराब डकार, पेट में भारीपन, मतली और यहां तक कि पेट में दर्द भी है।
मिठाई, फरसाना, केला, बिस्कुट, पंजाबी, चाइनीज, पिज्जा, जंक फूड जैसे भारी भोजन न करें। पाचन से पहले न खाएं। जगाने के लिए नहीं। चिंता, दु:ख जैसे मानसिक कारणों को दूर करें।
अपच का सबसे अच्छा उपाय एक या दो बार उपवास करना है। यदि संभव न हो तो बहुत हल्का और ठंडा भोजन जैसे दाल, चावल, खीचड़ी, ममारा, खाखरा लें। अगर पानी उबल जाए तो थोड़ा सा पी लें। पर्याप्त नींद हो रही है। अदरक, नींबू, लहसुन, हींग, अजमोद आदि का अधिक सेवन करें।
गर्म पानी पिएं और एक या दो बार उपवास करें। भूख लगने पर ही खाएं। गेहूं, चावल, मग, कवक मूली, शाकाहारी, सूरन, प्रवाल, कटा हुआ केला, अनार, अंगूर, दूध, घी, दही, छास आदि का सेवन करें।
हमारे अनुभव के अनुसार अंतिम इलाज एगेव है।
अपच तीन प्रकार की होती है।
(1) अतिसार -
लक्षणों में डकार, सूजन, सूजन, सुस्ती, थकान, सुस्ती, भूख न लगना आदि शामिल हैं। इसमें उपवास शामिल होना चाहिए।
(2) पित्त के कारण विदगधजिरना -
इससे छाती, गले और पेट में सूजन आ जाती है। लक्षणों में मतली, उल्टी और चक्कर आना शामिल हैं। एक या दो बार उपवास करना। व्रत के दौरान मीठा दूध, दूध की चाशनी, आइसक्रीम आदि का सेवन कर सकते हैं. व्रत के बाद केवल दूध-रोटी, दूध-चावल, हलवा, दूध-पौआ ही लें।
(3) पेट फूलना - लक्षणों में कब्ज, पेट में ऐंठन, सूजन, पेट फूलना, भोजन के बाद सूजन आदि शामिल हैं। पहला दिन मग के पानी पर ही बीतता है। फिर एक दिन फलों के रस पर रहने के बाद हल्का सुपाच्य आहार लें। एक-दो किलोमीटर पैदल चलकर।
(2) अपच या पेट फूलने की स्थिति में गर्म पानी या अजमो के साथ गर्म पानी पीने से लाभ होता है।
(v) सोंधव 1.5 ग्राम अदरक और नींबू के 10-10 ग्राम रस में सुबह-शाम पीने से अपच दूर हो जाती है।
(2) कच्चे टमाटर जैसे सब्जियों को काटकर कढाई में कई बार भूनने से काली मिर्च और सिंधव पाउडर या एक ग्राम सोडा-बाई कार्ब मिलाकर अपच दूर हो जाती है।
(2) प्याज का रस और करेले का रस एक साथ पीने से अपच दूर होता है।
(2) दालचीनी अपच को दूर करती है।
(2) एक कांच के जार में नींबू के चार टुकड़े करके धूप में नमक, काली मिर्च और अदरक का पाउडर डालकर धूप में रख दें। इसे खाने से अपच, मुंह की लार, मुंह का स्वाद न आना दूर हो जाता है।
(10) नींबू को काट कर उसमें सिन्धव भर दें।
(11) सिंधव, अदरक, काली मिर्च, काली मिर्च और सिंधव को बराबर मात्रा में लेकर खाने से अपच दूर होता है।
(12) लौंग और सीसा का चूर्ण 1 से 3 ग्राम शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करने से अरुचि दूर हो जाती है। इस प्रयोग को दो सप्ताह से अधिक न करें।
(12) भोजन से पहले सिंधव पीने के बाद प्राप्त नींबू और अदरक का रस एनोरेक्सिया, अपच और एनोरेक्सिया में फायदेमंद होता है।
(12) अदरक का चूर्ण सुबह खाली पेट लेने से डिप्रेशन में लाभ होता है।
(12) हींग जैसी गोली को निगलने से अपच और पेट फूलना ठीक हो जाता है।
(12) आधा चम्मच कच्चे पपीते का दूध चीनी के साथ लेने से अपच दूर हो जाती है।
(20) कोकम को उबालकर घी मिलाकर पीने से अपच दूर होता है।
(21) पके अनानास की सब्जी, काली मिर्च और सिंधव चूर्ण के छोटे-छोटे टुकड़े करके खाने से अपच दूर हो जाती है।
(2) लहसुन, चीनी और सिंधव को बराबर मात्रा में लेकर चाटने से दोगुने जमी हुई चाय मिलती है, चाटने से अपच दूर हो जाती है।
(4) रोज सुबह अदरक और गोखरू को बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से अपच दूर होता है।
(5) अच्छी तरह पके हुए नींबू के 200 ग्राम रस में 1 किलो चीनी डालकर उबाल लें, चाशनी बना लें और चाशनी बना लें। इस सिरप को 15 से 6 ग्राम पानी के साथ पीने से अपच दूर हो जाती है।
(2) एक बर्तन में नींबू और नमक की परत चढ़ाएं, उसे दबाकर रखें, नींबू को अच्छी तरह से किण्वित कर लें। फिर एक नींबू लें और इसे खाने से अपच से छुटकारा मिलता है।
(12) चाय में सिंधव और काली मिर्च पाउडर मिलाकर पीने से अपच दूर होता है।
(12) बहुत अधिक पानी पीने, समय पर भोजन करने, मल और मूत्र के प्रवाह को रोकने, समय पर पर्याप्त नींद न लेने, अधिक या कम खाने से अपच होता है। इसलिए इसका कारण जानना और उससे बचाव करना।
(12) सिंधव को अदरक के साथ खाने से अरुचि दूर होती है।


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