*दौर्बल्यनाशक योग :*
*सभी प्रकार की दुर्बलता हेतु दे सकते है -*
रौप्य भस्म ( ४ भाग )
+ लौहभस्म ( २ भाग )
+ आमलकी ( १२ भाग )
+ नाग (१/२ भाग )
+ शतावरी ( २ भाग )
+ प्रवाळ (२ भाग )
+ अभ्रक ( २ भाग )
+ रसराजरस (२ भाग )
+ बृवाचि (२ भाग )
+ शिलाजित (४ भाग )
+ मौक्तिक (४ भाग )
+ संशमनी वटी ( २० नग )

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