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सरसो का तेल के फायदे जानकर आप हो जाओगे हैरान आइये जानते है

सरसो का तेल के फायदे जानकर आप हो जाओगे हैरान आइये जानते है


💚सरसों का तेल खाने के लिए उत्तम है,आयुर्वेद में सरसों के तेल कों तिल के तेल के समान ही उत्तम माना जाता है


💚सरसों के तेल में कोलैस्ट्राल का स्तर कम होने के कारण ह्रदय रोगों में भी यह लाभदायक बताया जाता है 


💛हाथों की खुश्की-

हाथों में खुशकी और खुदरापन होने की स्थिति में सरसों के तेल से हल्की मालिश करें , त्वचा मुलायम हो जाएगी


💛शरीर दर्द और थकान-

शीत मौस्म में धूप में बैठकर सभी उम्र के लोगों को तेल की मालिश करनी चाहिए | शिशुओ को धूप में लिटाकर इस तेल से मालिश करने से उनकी थकान दूर होती है , नींद अच्छी आती है, तथा शरीर के दर्द से राहत मिलती है


सरसों का तेल वातनाशक और गर्म होता है । इसी कारण शीतकाल में वातजन्य दर्द को दूर करने के लिए इस तेल की मालिश की जानी चाहिए । जोडों का दर्द , मांसपेशियों का दर्द , गठिया , छाती का दर्द, ब्रोंकाइटिस आदि की पीड़ा भी सरसों के तेल से दूर हो जाती है ।


💛उबटन-

बेसन में सरसों का तेल मिलाकर उबटन की तरह त्वचा पर मलने से त्वचा गोरी हो जाती है तथा उसमें कमल के समान ताजगी आ जाती है ।


💛मसूड़ों के रोग-

सरसों के तेल में मधु ( शहद ) मिलाकर दांतों एंव मसूडों पर हल्के हल्के मलते रहने से मसूड़ों के सभी रोग भाग जाते है , तथा दांत भी मजबूत होते है।


💛जुखाम-

जुकाम होने या नाक के बंद होने पर दो बूंद सरसों तेल नाक के छिद्रों में डाल कर सांस जोर सें खीचने पर बंद नाक खुल जाती है और जुकाम से भी राहत मिलती है


💛पुरुषो के गुप्तांग-

लिंग में ढीलापन हो या टेढापन हो सरसों के तेल की लगातार मसाज से ठीक हो जाता है


💛वक्षस्थल का ढीलापन-

महिलाओ के छातियों में ढीलापन आ गया हो तो सरसों तेल में लहसुन की कली जलाकर बनाए तेल से मसाज करें , सुबह खाली पेट लहसुन की चार पाँच कलीयाँ भी खांए , बहुत लाभ होगा।


💛कान दर्द-

कान में सरसों तेल गर्म करके डालने से कान दर्द ठीक होता है , अगर कोई कीडा वगैरा घुस गया हो तो वो भी बाहर निकल जाता है , अगर सरसों तेल में लहसुन की कली जलाकर ओर नीम का तेल मिलाकर डाला जाय तो बहरापन में बहुत उपयोगी सिद्ध होगा ।


💛दाँत-

सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम दांतों पर मलने से दांतों से खून आना , मसूड़ों की सूजन, दांतों के दर्द में आराम मिलता है ,साथ ही दांत चमकीेले ओर सुन्दर भी बनते है ।


💛आँख-

पैरों के तलवों एव अंगूठों में सरसों का तेल लगाते रहने से नेत्र ज्योति बढ़ती है


💛नींद-

रात को हाथ पाँवों में तेल लगा कर सोने से मच्छर नही काटते , नींद अच्छी आती है 


💛बाल-

बालों में सरसों का तेल लगाते रहने से बाल मजबूत होते है , मोटे घने होते है । सिर दर्द भी नही होता ।


💛सूजन-

शीतकाल में पैरों की उंगलीयों में सूजन आ जाती है । ऐसी अवस्था में सरसों का तेल में थोड़ा सा पिसा हुआ सेंधा नमक मिलाकर गर्म करलें । ठंडा होने पर उंगलियों पर लेप लगा कर रात में सों जाएं । कुछ ही दिनों मे आराम दिखाई देगा । 


💛पेट के रोग-

हाने से पूर्व नित्य नाभि में दो बूंद सरसों का तेल लगाने से पेट से संबंधित रोग कम ही होते है । पाचन क्रिया भी अच्छी रहती है , होठ नही फटते ।


इलाज से बेहतर बचाव है

स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े

धन्यवाद

🙏


.....आइए डॉक्टर बने.....🙄


🖤......दरअसल कुछ जानकारी दे रहा हु, की आप जो दवाएँ खाते है या डॉक्टर लिखता है वह किसलिये दे रहा है.......


क्योंकि आजकल अगर जरूरत 1 दवा की है डॉक्टर 4 साथ मे देगा क्योंकि कम्पनी विदेश का टूर जो देती है ....


😊....आज इतना सीख ले, साइडइफेक्ट फिर कभी बता देगे! 


❤️......प्रत्येक अंग्रेजी दवा के अंत मे एक शब्द होता है जिससे जान सकते है वह दवा किस काम आएगी.....😊


CAIN.........❤️❤️


Xylocaine

Benzocaine

Amylocaine

Lidocaine


ये एक लोकल इनेस्थेटिक है, अर्थात ये दवाईया किसी अंग को सुन्न करने के लिए दी जाती है


MYCIN........❤️❤️


Azithromycin

Erythromycin

Neomycin

Strptomycin


ये एंटीबायोटिक है अर्थात इंफेक्शन के लिए दी जाती है


OLOL.........❤️❤️


Metaprolol

Atenolol

Esmolol

Bisoprolol


ये बीटा ब्लॉकर्स होते है अर्थात इनका प्रयोग हाइपरटेंशन, या हार्ट अटैक /HIGH BP में करते है


MIDE & ZIDE.........❤️❤️


Furosemide

Bumetanide

Benzthiazide

Chlorothiazide


ये डाइयुरेटिक्स है अर्थात यूरीन को बढ़ाती है, शरीर मे सूजन होती है या BP ज्यादा होता है उन्हें देते है


VIR........❤️❤️


Acyclovir

Ritonavir

Indinavir


ये एन्टीवायरल है अर्थात वायरस के इंफेक्शन में प्रयोग करते है


PAM........❤️❤️


Diazepam

Lorazepam


ये एंटीएंजाइटी है अर्थात घबराहट बेचैनी नींद न आने में दी जाती है


STATIN......❤️❤️


Atorvastatin

Simvastatin

Lovastatin


इसका प्रयोग एंटी हायपर लिपिडेमिक्स में होता है अर्थात जिनका कोलस्ट्रॉल बढ़ जाता है उन्हें देते है


SONE........❤️❤️


Betamethasone

Cortisone

Dexamethasone 


ये स्टेरॉइड है अर्थात सूजन को दूर करने के लिए


AZOLE.........❤️❤️


Ketoconazole

Fluconazole

Econazole

Miconazole


एंटीफंगल है अर्थात फंगल इंफकेशन में दी जाती है


TIDINE.........❤️❤️


Ranitidine

Cimetidine

Famotidine

Roxatidine


ये H2 रिसेप्टर ब्लोकर है अर्थात पेट मे एसिड को कम करती है, पेप्टिक अल्सर में प्रयोग होता है


SETRON.........❤️❤️


Ondasetron

Grenisetron

Dolosetron


5HT3 एनटागोनिस्ट होती है अर्थात उल्टी, चक्कर मे दी जाती है


OFLOXACIN.......❤️❤️


Ciprofloxacin

Norfloxacin

Levofloxcin


ये एंटीबैक्टीरियल है


NIDAZOLE.........❤️❤️


Metronidazole

Ornidazole

Tinidazole


ये एन्टीअमेबिक है अर्थात दर्द के साथ दस्त में दी जाती है


TRIPTAN..........❤️❤️


Sumatriptan

Rizatriptan

Naratripton


5HT एगोनिस्ट होती है अर्थात माइग्रेन में दी जाती है


PROFEN.........❤️❤️


Ibuprofen

Ketoprofen

Flurbiprofen


ये नॉन स्ट्रोइडल एंटी इन्फ्लामेट्री ड्रग्स होती है अर्थात सूजन, बुखार ,दर्द आदि में दिया जाता है


PRAZOLE........❤️❤️


Pantoprazole

Omeprazole

Esomeprazole

Rabeprazole


ये प्रोटोन पम्प इन्हेबिटर है अर्थात पेट मे एसिड कम करती है और पेट मे हाइड्रोजन पोटेशियम पम्प को बन्द कर देती ह, गेस्ट्रो सम्बन्धी पेप्टिक अल्सर में प्रयोग करते है


GLIPTIN........❤️❤️


Sitagliptin

Vildagliptin

Alogiptin

Linagliptin


DDP 4 इन्हेबिटर है, अर्थात डाइबिटीज में प्रयोग होता है ! 


सीखते रहिये.......😊 ........🙏🙏

Note:-

जड़ी-बूटियों जैसी पूरक दवाएं बिना डॉक्टरी सलाह के खरीदी जा सकती हैं।  हालाँकि, उनके अभी भी दुष्प्रभाव हो सकते हैं, अन्य दवाओं या उपचारों के साथ परस्पर क्रिया हो सकती है, या उनमें हानिकारक तत्व शामिल हो सकते हैं जो लेबल पर नहीं दिखाए गए हैं।


 अन्य देशों के उत्पाद जो इंटरनेट पर बेचे जाते हैं या विदेशों से ऑस्ट्रेलिया में लाए जाते हैं, उन पर ऑस्ट्रेलिया में बेचे जाने वाले समान कानूनों या विनियमों के अधीन नहीं होते हैं।  कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक चिकित्सक कुछ विषैले तत्वों को सुरक्षित मान सकते हैं।  सभी हर्बल दवाओं के अवयवों की पूरी सूची मांगें।  यदि संदेह हो तो अपने डॉक्टर से जाँच करें।  विक्टोरिया में भारत से आयातित आयुर्वेदिक उपचार लेने के परिणामस्वरूप सीसा विषाक्तता के मामले सामने आए हैं।


 यदि आपको किसी मित्र या रिश्तेदार ने कोई तैयारी दी है और आप मूल या सामग्री की पहचान नहीं कर सकते हैं, तो इसे न लेना ही सुरक्षित है।


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