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जीरा और सौफ के फायदे जान कर हो जाओगे आप हैरान

जीरा और सौफ के फायदे जान कर हो जाओगे आप हैरान

जीरा:-


💛पित्त के सभी रोगों के लिए रामबाण औषधि है


💛पेट मे गैस की समस्या हो,जीरा सेवन करें


💛पेट मे जलन हो, तो जीरा ले


💛खट्टी डकारें आती हो तो जीरा ले


💛उल्टी आती हो तो जीरा ले


💛एसिडिटी हो तो जीरा सेवन करे


💛खानां ठीक से ना पचता हो तो जीरा सेवन करे


💛कभी भी दाल के साथ दही का सेवन ना करें क्योंकि दोनो की तासीर अलग है, यदि करना है तो तासीर एक करे, दही में जीरा भूनकर या अजवाइन भून कर मिलाए


💙जीरा लेने की विधि:-

एक कप पानी ले, उसमे आधा चम्मच जीरा डालें और खूब खौलाएं, फिर उसे ठंडा कर ले और पानी पी ले और जीरा भी चबा कर खाये, 2-3 माह में सभी रोग समाप्त कर देगा


💜विशेष:-

गर्भवती महिलाएं जीरा सेवन ना करें


इलाज से बेहतर बचाव है

स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े

धन्यवाद

🙏

❤❤

सौंफ के सेवन के लाभ:-


💚इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्‍व जैसे कि कॉपर, पोटेशियम, कैल्शियम, जिंक, मैंगनीज, विटामिन सी, आयरन, सेलेनियम और मैग्‍नीशियम जैसे खनिजों की अच्‍छी मात्रा होती है इनके अलावा भी सौंफ में फाइबर, फॉस्‍फोरस, फोलेट, पेंटोथेनिक एसिड आयरन और नियासिन आदि भी मौजूद रहते हैं। 


💛पाचन

यदि आपको पाचन से संबंधित समस्‍याएं जैसे दस्‍त, पेट फूलना आदि हैं तो आपको सौंफ का उपयोग करना चाहिए। सौंफ में मौजूद फाइबर और अन्‍य पोषक तत्‍व आपके पाचन तंत्र को मजबूत कर पाचन प्रकिया को आसान बनाते हैं।


💛लार

सौंफ के सेवन से मुंह मे लार की मात्रा बढ़ती है


💛अनिद्रा

रात में सोने से पहले 1 कप सौंफ की चाय का सेवन करने से आपको अच्‍छी नींद आ सकती है। अनिद्रा का उपचार करने के लिए प्राचीन समय से ही सौंफ का उपयोग किया जा रहा है।


💛दूध सौंफ का उयोग माताओ के दूध उत्‍पादन की क्षमता को बढ़ा सकता है।


💛सौंफ के फायदे इसके जीवाणुरोधी गुणों के कारण होते हैं। सौंफ के जीवाणुरोधी गुण आपके मुंह में मौजूद रोगजनको को नष्‍ट करते हैं 


💛पेट कब्ज को ठीक करता है


💛सौंदर्य बढाती है, मुंह के मुंहासे आदि दूर करती है


💛ये फ्री-रेडिकल्‍स कैंसर के प्रमुख कारकों में से एक हैं। सौंफ में मौजदू सफाई करने वाले गुण ऑक्‍सीडेटि तनाव दूर करते हैं और शरीर के विभिन्‍न हिस्‍सों में मौजूद कैंसर जैसे त्‍वचा कैंसर, पेट के कैंसर, ब्रेस्‍ट कैंसर आदि से बचाने में मदद करते हैं। 


💛सौंफ के बीजों में विटामिन ए होता है जो आपकी आंखों की दृष्टि के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। भारत में प्राचीन समय से ही आंख के रोग जिसमें आंखों की पुतली फैल जाती है और दृष्टि धीरे-धीरे कम होने लगती है 


💛यदि आप मोटापे के शिकार हैं, और अपना वजन कम करना चाहते हैं तो सौंफ का नियमित सेवन शुरु कर दें। क्‍योंकि सौंफ में वसा को कम करने वाले औषधीय गुण होते हैं जो आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्‍त वसा को कम करने में सहायक होते हैं।


💛सौंफ के बीजों में नाइट्राइट सामग्री होती है जो रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा सौंफ के बीजों में पोटेशियम भी अच्‍छी मात्रा में होते हैं जो कि रक्‍तवाहिकाओं में आने वाली समस्‍याओं को दूर करने और उनमें आने वाले अवरोधों के दूर करने में मदद करते हैं। पोटेशियम की अच्‍छी मात्रा हमारे दिल की धड़कनों और रक्‍तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।


💛रक्त को शुद्ध करने का सबसे सरल उपाय सौंफ सेवन है


💜गर्भवती महिलाओं को सौंफ का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए।


इलाज से बेहतर बचाव है

स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े

धन्यवाद

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💚कान का दर्द – 

हींग को तिल के तेल में पकाकर उस तेल को छानकर इस तेल की बूंदें कान में डालने से कान दर्द से राहत मिलती है।


💚शक्ति

शारीरिक शक्ति बढ़ाने या कमजोरी दूर करने के लिए भुनी हींग, पीपर, सोंठ तथा कालीमिर्च बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। प्रतिदिन सुबह-शाम चौथाई चम्मच चूर्ण गरम पानी के साथ सेवन करें।


💚मासिक धर्म

मासिक धर्म की समस्याओ में हींग का सेवन करने से स्त्रियों के गर्भाशय का संकुचन होता है और मासिक धर्म खुलकर आता है। इसके अतिरिक्त इससे स्त्रियों का पेट दर्द भी दूर होता है।


💚प्रसूता स्त्री का सिर चकराना –

घी में सेंकी हुई हींग देशी घी/गाय का घी के साथ सेवन करने से प्रसूता स्त्री को आने वाले चक्कर (सिर चकराना) और दर्द (लेबरपेन्स) मिटते हैं।


💚विषैले दंश :-

बिच्छू, ततैया, मधु मक्खी आदि के काटने पर काटे गए अंग पर लगाने से दर्द और सूजन दूर होते हैं।


💚मलेरिया से सुरक्षा – 

जिन जगहों पर मलेरिया फैला हो वहां भोजन के साथ हींग का सेवन करने से आंतों को लाभ होता है तथा मलेरिया से भी सुरक्षा होती है।


💚टायफाइड में अफारा होने पर -

टायफाइड/मोतीझरा बुखार में रोगी को अफारे (पेट फूलने) की समस्या होने पर हींग को नौसादर और हीरा बोल के साथ सेवन कराना लाभकारी है।


💜हींग को लम्बे समय तक प्रतिदिन सेवन न करें। जिन स्त्रियों को मासिक स्राव/माहवारी अधिक हो उन्हें तो हींग का सेवन बंद कर देना चाहिए ।


💜गर्भवती स्त्रियां इसका सेवन कम ही करें। पित्त प्रकृति/गर्म तासीर के लोग हींग को केवल औषधि/दवा के तौर पर ही सेवन करें।


💜दूध पीने वाले शिशु को यदि गर्मी की समस्या है हो तो ऐसी स्त्रियों को हींग का सेवन नहीं करना चाहिए।


💜अधिक समय तक हींग सेवन मूत्र मार्ग में जलन होती है |


💜अधिक हींग के सेवन से पेशाब और पसीने से बदबू आने लगती है। हींग मस्तिष्क (दिमाग) को और गर्म प्रकृति/मिजाज के लोगों के लिए हानिकर है। 


💜इसके अतिरिक्त हींग लीवर की बीमारी से पीड़ित लोगो के लिए भी हानिकारक है।


इलाज से बेहतर बचाव है

स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े

धन्यवाद

🙏

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