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गठिया, गला दर्द, मधुमेह(शुगर), गर्भावस्था, सिरदर्द,दाग धब्बे का करे ये इलाज


 




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लौकी:-


💚लौकी में पानी 96.1%; कार्बोहाइड्रेट 2.5%; प्रोटीन 0.2%; वसा 0.1%, रेशा 0.6%; होता है, सोडियम 1.8; मैग्नीशियम 5.0, पोटेशियम 87.0; कैल्शियम 20.2; ताँबा 0.3, लोहा 0.7; फॉस्फोरस 10, गंधक 10; विटामिन बी 1 0.03; विटामिन बी-5 0.2; विटामिन सी 6.0-ये प्रति 100 ग्राम में , मि.ग्रा. की मात्रा में पाये जाते हैं। तथा 100 ग्राम लौकी से 12 कैलोरी ऊर्जा मिलती है।


💛पानी को कमी (De-hydration)- 

उल्टी, दस्त, तेज बुखार के कारण शरीर में पानी की कमी होने पर समान मात्रा में नारियल का पानी और लौकी का रस मिलाकर पिएं


💛पेट के रोग- 

एक कप लौकी का रस सुबह खाली पेट प्रतिदिन पीने से पेट के सभी सामान्य रोग व कब्ज ठीक हो जाते हैं। 


💛लौकी या घीया को काटकर इसका पेस्ट पैर के तलवों पर मलने से पैरों की गर्मी, जलन, दूर होती है। लौकी का रस भी लगाया जा सकता है।


💛दस्त, – 

लौकी का रायता दस्तों में लाभप्रद हजउसमें सेंधा नमक, भुना जीरा, कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर दिन में 3 बार खाएँ। 


💛गला दर्द – 

एक गिलास लौकी जूस में दो चम्मच शहद  मिलाकर पीने से लाभ होता है।


💛गठिया- 

लौकी के 100 मि.ली. रस में 3 ग्राम सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से गठिया की सूजन तथा दर्द से आराम मिलता है।


💛मधुमेह(शुगर)– 

मधुमेह में लौकी लाभ करती है। सलाद के रूप में या जूस कच्ची लौकी खा सकते हैं। Lauki Juice में थोड़ा नमक मिलाकर पिये


💛गर्भावस्था:-

लौकी गर्भाशय संबंधी विकारों में लाभदायक है। इसलिए जिन स्त्रियों को बार-बार गर्भस्राव या गर्भपात हो जाता है, उन्हें कुछ दिनों तक लौकी का सेवन सब्जी या रस के रूप में अवश्य करना चाहिए इससे गर्भाशय मजबूत होगा


💛सिरदर्द (Headache)- 

लौकी को पीसकर माथे पर लेप करने से गर्मी के प्रभाव से होने वाला सिरदर्द ठीक हो जाता है। लौकी का तेल सिर में नित्य लगायें। सिरदर्द दूर हो जायेगा, रात को सिर की लौकी के तेल से मालिश करके सोयें। नींद अच्छी आयेगी |


💛बालों के लिए लौकी तेल के फायदे – 

लौकी का तेल बालों में लगाने से बालों को मजबूती मिलती है और रूसी तथा बालों का झड़ना कम होता है


💛बुखार – 

तेज बुखार होने पर घबरायें नहीं, तेज ज्वर होने पर पैर के तलवों पर पानी के छींटे मारते हुए लौकी का गूदा (पीसी हुई लौकी का पेस्ट) रगड़ें। इससे बुखार की तेज गर्मी कम हो जाती है। ज्वर हल्का हो जाता है। इससे तलवों की जलन भी कम हो जाती है।


💛जलन, चर्मरोग (Skin Care)- 

लौकी के रस का प्रभाव ठंडा होता है अत: जिन रोगों में जलन, अधिक प्यास लगती है, उनमें लौकी का रस पीना लाभदायक होता है। एक कप लौकी के रस में एक चम्मच शहद (Honey) मिलाकर पीने से शरीर की गर्मी , अम्लपित्त (एसिडिटी), पेट की जलन, आँखों की जलन, रक्तविकार, फोड़े-फुन्सी, आदि रोगों में लाभ होता है


💛रक्तस्राव –

 शरीर के किसी अंग से अगर रक्त बह रहा हो तो लौकी के छिलकों को बारीक पीसकर उस स्थान पर लगाकर पट्टी बाँध देने से रक्त का बहना बंद हो जाता है। साथ ही लौकी का छिलकों सहित रस निकालकर पीना चाहिए


💛मूत्रपिंड:-

यूरिन संबंधी रोगों तथा गुर्दे के दर्द में लौकी का आधा कप रस निकाल कर उसमें चुटकी भर सेंधा नमक और नींबू का रस मिलाकर सुबह पीने से यूरिन खुलकर आता है


💛पित्ती (Urticaria)- 

पित्ती निकलने पर शरीर में जहाँ-जहाँ पित्ती निकली हो, लौकी का रस लगायें तथा लौकी की सब्जी खायें।


💛नकसीर (Epistaxis)- 

नकसीर बह रही हो तो लौकी के रस में रुई भिगोकर, हल्की-सी निचोड़कर माथे पर लगा कर रखें इससे तरावट आयेगी और नाक से रक्तस्राव भी बन्द हो जायेगा। लेकिन ध्यान रहे, रस आँखों में बह कर न जाने पाए


💛दाग धब्बे:-

 लौकी के ताजा छिलके पीसकर चेहरे पर लगाये त्वचा खिल उठेगी। तथा लौकी का गूदा रगड़ने से काले दाग मिट जाते हैं


💛आँखें दुखना

– लौकी को पीसकर लुगदी पतले कपड़े में रखकर ऑंखें बन्द करके पोटली ऊपर रखकर चालीस मिनट सोयें। शीघ्र लाभ होगा


💛रक्तशोधक –

लौकी को उबालकर बिना नमक डाले नित्य खाने से रक्त साफ हो जाता है। फुन्सियाँ निकलना बन्द हो जाती हैं।

आधा कप लौकी के रस में मिश्री मिलाकर सुबह-शाम पीने से रक्त साफ हो जाता है।


💛पीलिया- लौकी को आग में सेंककर भुर्ता-सा बना लें, फिर इसे निचोड़कर रस निकालकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर पियें। साथ ही लौकी का सूप भी पियें।


💙लौकी इंजेक्शन लगी न हो

💙लौकी कड़वी न हो


इलाज से बेहतर बचाव है

स्वदेशी बने प्रकृति से जुड़े

धन्यवाद

🙏

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